#इश्क_की_महक

Source: #इश्क_की_महक रूहानी इश्क ईश्वर की प्राप्ति में सहायक होता है.

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#इश्क_की_महक

#इश्क_की_महक

Shiri 1

इश्क जब होता है

ज़र्रा ज़र्रा गीत गाता है

धडकते दिल के साथ साथ

रोम रोम थिरकता है.

परवर दिगार का ज़लवा

माशूक में झलकता है

इश्क की महक से तो

कण कण भी महकता है.

पाने को उसकी एक झलक

मंदिर मस्जिद भटकते हो

गौर तो करो जरा

पास ही तो वो रहता है.

शीरी ने पाया उसे

अपने ही फरहाद में

हो गई फिर वो फ़ना

अब शीरी में वो रहता है. <><><><><> डॉ भारद्वाज

 

 

#इश्क_की_महक

राजनैतिक वायदे

राजनेता कितने झूठे वायदे करते हैं किसी से छिपा नहीं है…

सत्य पथ

राजनेता कितने झूठे वायदे करते हैं किसी से छिपा नहीं है…

Source: राजनैतिक वायदेराजनेता कितने झूठे वायदे करते हैं किसी से छिपा नहीं है…

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राजनैतिक वायदे

राजनैतिक वायदे

 

Politiciaan

कहा ग्रामीणों ने सिंचाई मंत्री से 

“जब वोट मांगने आये थे 

बड़े बड़े ढोल बजाए थे 

और कहा था आपने 

गाँव-गाँव खेत-खेत में 

दूंगा नहरें बिछा 

अब बताइये तो ज़रा 

आपके किये वायदों का 

आखिर क्या हुआ?”

मंत्रीजी बोले,

“क्या करूँ भाई?

बड़ी मुसीबत है आई, 

एक हाथ से पकड़ी है 

कुर्सी 

न जाने कौन कब छीन ले,

दुसरे से पकड़ी है 

पगड़ी

कौन कब उछाल दे?

इसीलिए मेरे भाइयो 

मेरे तो दोनों हाथ हैं भरे 

अब आप ही बताएं 

नहरें कैसे खुदें

और गाँव-गाँव में, खेत-खेत में 

पानी कैसे पहुंचे? 

राजनैतिक वायदे

भारतमाता का लाल “लालबहादुर शास्त्री”

हम उस समय सिर्फ 10 वर्ष के थे, मगर हमने भी हर मंगलवार को व्रत रख कर अपने माताजी-पिताजी का साथ दिया था.

सत्य पथ

Shastrijiसन 1965.

पाकिस्तान ने बिना किसी कारण के भारत पर आक्रमण कर दिया था. भारत के प्रधानमंत्री थे श्री लाल बहादुर शास्त्री. खादी में लिपटी ठिगनी क्षीण देह मगर हौंसला लौहपुरुष सा.

शास्त्रीजी ने एक क्षण गंवाए बिना ही अपनी सेनाओं को आक्रमणकारियों को मुँह-तोड़ ज़वाब देने का संकेत दे दिया. फिर क्या था? भारतीय सेनाएं चीतों की मानिंद दुश्मन पर टूट पड़ीं. दुश्मन के पाँव उखड़ने लगे.

भारतीय सेनाओं ने हाजी पीर दर्रे पर ही नहीं लाहोर पर भी कब्ज़ा कर वहां राष्ट्रीय तिरंगा फहरा दिया था. अन्न-संकट के कारण भारत अमरीका पर आश्रित था. मगर शास्त्रीजी ने अमरीका की भी नहीं सुनी और इस पर स्वयं एक दिन का व्रत रखते हुए अपने देशवासियों को साथ देने का आह्वाहन किया और पूरे देश ने मंगलवार का व्रत रखना शुरू कर दिया था.

हम उस समय सिर्फ 10 वर्ष के थे, मगर हमने भी हर मंगलवार को व्रत रख…

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भारतमाता का लाल “लालबहादुर शास्त्री”

भारतमाता का लाल “लालबहादुर शास्त्री”

Source: भारतमाता का लाल “लालबहादुर शास्त्री” 

हम उस समय सिर्फ 10 वर्ष के थे, मगर हमने भी हर मंगलवार को व्रत रख कर अपने माताजी-पिताजी का साथ दिया था.

भारतमाता का लाल “लालबहादुर शास्त्री”