व्यवसायवाद

 

Drowning

एक “चिकित्सा प्रतिनिधी” (Medical Representative) और क्षेत्रीय-प्रबंधक (AREA MANAGER) समंदर के किनारे टहल रहे थे. वहाँ उन्होंने एक बोर्ड देखा जिस पर लिखा था – “डूबते हुए को बचाने वाले को 500 रुपये का इनाम दिया जाएगा.” बोर्ड पढ़ते ही को एक क्षेत्रीय-प्रबंधक विचार सूझा. उसने चिकित्सा प्रतिनिधी से कहा – “मैं समंदर में कूद जाता हूँ और मदद केलिए चिल्लाता हूँ, तुम मुझे बचा लेना. जो 500 रुपये मिलेंगे उसमें से 100 तुझे दूंगा … ठीक है ?” चिकित्सा प्रतिनिधी – “केवल 100 ? … 50% करिये ना ?” गुरु – “100 रुपये से एक पैसा ज्यादा नहीं दूंगा …विचार मेरा है कि तेरा ?….चुपचाप जैसा मैं कहता हूँ वैसा कर !” और क्षेत्रीय-प्रबंधक समंदर में कूद कर मदद के लिए चिल्लाने लगे. चिकित्सा प्रतिनिधी आराम से बैठकर देखता रहा. उसे यूँ बैठे देखकर क्षेत्रीय-प्रबंधक बोले – “अबे अब आता क्यों नहीं मुझे बचाने ? मुझे सचमुच तैरना नहीं आता !” चिकित्सा प्रतिनिधी– “ आपने बोर्ड ध्यान से नहीं पढ़ा … नीचे लिखा है –“लाश निकालने वाले को 5000 रुपये का इनाम दिया जाएगा … !!!” 😂😂😂😂😂😂😂

Advertisements
व्यवसायवाद

3 thoughts on “व्यवसायवाद

  1. सौदाबाजी तो सब हक़ है. क्षेत्रीय-प्रबंधक से चिकित्सा प्रतिनिधी क्यों कर पीछे रहते…..व्यवसाय है भई व्यवसाय. क्षेत्रीय-प्रबंधक चिकित्सा प्रतिनिधी का अनुचित लाभ उठा रहा था तो चिकित्सा प्रतिनिधी का भी उतना ही अधिकार है. हैं ना !

    Liked by 1 person

  2. Reblogged this on सत्य पथ and commented:

    सौदाबाजी तो सब हक़ है. क्षेत्रीय-प्रबंधक से चिकित्सा प्रतिनिधी क्यों कर पीछे रहते…..व्यवसाय है भई व्यवसाय. क्षेत्रीय-प्रबंधक चिकित्सा प्रतिनिधी का अनुचित लाभ उठा रहा था तो चिकित्सा प्रतिनिधी का भी उतना ही अधिकार है. हैं ना !

    Like

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s