व्यवसायवाद

सौदाबाजी तो सब हक़ है. क्षेत्रीय-प्रबंधक से चिकित्सा प्रतिनिधी क्यों कर पीछे रहते…..व्यवसाय है भई व्यवसाय. क्षेत्रीय-प्रबंधक चिकित्सा प्रतिनिधी का अनुचित लाभ उठा रहा था तो चिकित्सा प्रतिनिधी का भी उतना ही अधिकार है. हैं ना !

सत्य पथ

Drowning

एक “चिकित्सा प्रतिनिधी” (Medical Representative) और क्षेत्रीय-प्रबंधक (AREA MANAGER) समंदर के किनारे टहल रहे थे. वहाँ उन्होंने एक बोर्ड देखा जिस पर लिखा था – “डूबते हुए को बचाने वाले को 500 रुपये का इनाम दिया जाएगा.” बोर्ड पढ़ते ही को एक क्षेत्रीय-प्रबंधक विचार सूझा. उसने चिकित्सा प्रतिनिधी से कहा – “मैं समंदर में कूद जाता हूँ और मदद केलिए चिल्लाता हूँ, तुम मुझे बचा लेना. जो 500 रुपये मिलेंगे उसमें से 100 तुझे दूंगा … ठीक है ?” चिकित्सा प्रतिनिधी – “केवल 100 ? … 50% करिये ना ?” गुरु – “100 रुपये से एक पैसा ज्यादा नहीं दूंगा …विचार मेरा है कि तेरा ?….चुपचाप जैसा मैं कहता हूँ वैसा कर !” और क्षेत्रीय-प्रबंधक समंदर में कूद कर मदद के लिए चिल्लाने लगे. चिकित्सा प्रतिनिधी आराम से बैठकर देखता रहा. उसे यूँ बैठे देखकर क्षेत्रीय-प्रबंधक बोले – “अबे अब आता क्यों नहीं मुझे बचाने ? मुझे सचमुच तैरना नहीं…

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