रोचक और शिक्षाप्रद सच्ची घटना ^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^

Love

हमारे विद्यालय के एक शिक्षक अपनी ट्यूशन पर पढने वाली छात्रा पर मुग्ध हो गए. लड़की की भी रजामंदी थी. लड़की की माँ बहुत ही समझदार थीं. उसने बेटी के व्यवहार में भारी बदलाव देखा और उससे बड़े ही प्रेम के साथ पूछताछ की.
पता लगने पर भी लड़की की माँ शांत रही.
दूसरा कदम उसने ये लिया कि समस्या को लेकर हमारे पास आईं. उसने अपने पति को भी इस बारे में नहीं बताया था.
हमें किस्सा सुन कर बहुत ही ग्लानि हुई. माँ की उपस्थिति में ही पहले लड़की को बुलाया. हमने भी उससे पूछताछ की. लड़की ने अपनी माँ की ओर देखा.
माँ ने बेटी को इशारा लिया.
बेटी ने सच्चाई कबूल कर ली. खैर! इससे हमनें थोड़ी राहत की सांस ली. बेटी को परामर्श देकर कि ये जीवन बनाने का समय है और उसे अपनी पढाई पर ध्यान देना चाहिए. साथ ही उसे उसकी माँ से ये आश्वासन भी दिलवा दिया कि अगर वो चाहेगी तो समय आने पर उसका विवाह उसी शिक्षक के साथ कर दिया जायेगा. हमने लड़की से कहा कि वो उन बातों को किसी को भी न बताये. लड़की खुश हो कक्षा में लौट गई.
अब हमने बुलाया शिक्षक को.
वो आये. लड़की की माँ को हमारे सामने बैठे देश उनका चेहरा देखने लायक था. हमने उससे कहा, “बैठो.
उनके बैठने पर कहा, “ये एक लड़की की माँ हैं. आप इन्हें जानते हैं क्या?”
उसको हामी भरनी पड़ी.
हमने कहा, “ये उस लड़की का विवाह आपसे करना चाहती हैं.”
शिक्षक की साँस हलक में अटक गई. बड़ी मुश्किल से बोल पाया, “विवाह तो नहीं हो सकता.”
हमने पूछा, “क्यों? जब आप उस मासूम पर डोरे डाल सकते हो तो विवाह क्यों नहीं?”
शिक्षक ने आँखें नीची किये किये धीरे से कहा, “सर ! मैं विवाहित हूँ.”
हमें इस बात का पता था.
अब हमने लड़की को फिर बुलाया. उसके आने पर हमने शिक्षक को फिर कहा, “हाँ. अब आप एक बार फिर बतायें कि इस कन्या से आप विवाह क्यों नहीं कर सकते.?”
शिक्षक को काटो तो खून नहीं. हिचकिचाते हुए उसे स्वीकार करना पड़ा. इस पर लड़की तिलमिला गई और उसकी ओर झपटने को हुई लेकिन हमने पहले ही सावधानी बरती हुई थी. इससे शिक्षक उसकी पकड़ में नहीं आ पाया. लड़की बहुत आग-बबूला हो चुकी थी.हमने अपने चालक को बुलाया और माँ-बेटी को उनके घर छुड्वाया.
शिक्षक को हमने 7 दिन की छुटटी पर भेजते हुए कहा, “अब आप कहीं और काम देख लें. दूसरी सलाह देते हुए कहा, “ऐसी बेवकूफी फिर कभी न करना. ऐसे भाग्यशाली बार बार न हो पाओगे”
शिक्षक ने हमारे पैर छुए और चुपचाप हमारे कक्ष से बाहर हो गये.
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रोचक और शिक्षाप्रद सच्ची घटना ^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^

2 thoughts on “रोचक और शिक्षाप्रद सच्ची घटना ^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^

  1. शिक्षकों को मर्यादाओं का ख्याल रखना चाहिए. स्त्री प्रेम की मूर्ति है. वो दिल से जीती है. और किशोरियां तो बहुत ही सरल स्वाभाव की होती हैं. शिक्षकों को उनके इस गुण या कमजोरी का अनुचित लाभ उठाने का प्रयास काभी नहीं करना चाहिए………………

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