पीढ़ी-अंतर

Source: पीढ़ी-अंतर

माता-पिता और संतान की थोड़ी थोड़ी समझ परिवार की शान्ति को संभाल सकती है. और देखें कि इसी में सबकी भलाई है. नौज़वान साथी बुरा न माँने तो हम कहेंगे कि आज संतान न तो परिवार की परवाह करती है और न ही अपना क्योंकि ऐसी उदंडता का अंत अधिकतर ख़राब ही पाया जाता है. बहन-बेटियों के मामले में तो ये और भी भयानक साबित होता है. अत: नई पीढ़ियों को क्षणिक सुख या कहें जिद के चलते अपने माता-पिता के अनुभवों से वंचित नहीं होना चाहिए.
आप सब का दिन शुभ हो.

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