इश्क

ishk-10

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अकेले अनूठा न समझो अपने आपको
इश्क में सब का यही तो हश्र होता है।
इश्क शुरू शुरू में तो मुस्कराता है
मगर अंत उसका बहुत ही रुलाता है।


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इश्क

2 thoughts on “इश्क

  1. Reblogged this on Love : What IT IS? and commented:

    संसार प्रेमियों का शत्रु रहा है। यही कारण है कि अधिकतर प्रेमी अपने प्रेम को नहीं पा पाते। उस स्थिति में आँसू ही उनका सहारा बनते हैं।
    शेष पाठक जानें।
    टिप्पणियों का तहेदिल से स्वागत।

    Liked by 1 person

  2. संसार प्रेमियों का शत्रु रहा है। यही कारण है कि अधिकतर प्रेमी अपने प्रेम को नहीं पा पाते। उस स्थिति में आँसू ही उनका सहारा बनते हैं।
    शेष पाठक जानें।

    Liked by 1 person

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